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धर्मशाला : अस्पताल का दर्जा तो बढ़ा पर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं

धर्मशाला:सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुर में इस समय असुविधाओं की भरमार है। वैसे तो यह अस्पताल लगभग तीन साल पहले ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र  से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र  का दर्जा हासिल कर चुका है लेकिन आज तक इसका बोर्ड तक नही बदला गया है तो इसके अंदर सुविधाओं में क्या बदलाब हुआ होगा इसका आंकलन ही लगाया जा सकता है न तो इस हॉस्पिटल में ब्लड टेस्ट करने के लिए कोई भी आधुनिक लैब है और न ही लैब टकनीशियन. ये हॉस्पिटल मौजूदा समय मैं वर्षों पुराने जर्जर हो चुके भवन मैं चल रहा है.
बतां दे कि रविवार के दिन हरिपुर अस्पताल में भी स्वास्थ्य सेवाओं की भी छुट्टी होती है। इस दिन कोई भी चिकित्सक यहां अस्पताल में सेवाएं देने नहीं पहुंचता है, जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ता है। अस्पताल सिर्फ एक डॉक्टर के सहारे चल रहा है। रविवार के दिन यहां मरीजों का स्वास्थ्य सिर्फ एक फार्मासिस्ट के हवाले होता है, जिसके चलते लोगों को भरी परेशानियों का सामने करना पड़ता है।  इलाके की दर्जनभर पंचायतों के लोगों को एकमात्र यही अस्पताल सेवाएं उपलब्ध करवाता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मौजूदा समय में न तो पर्याप्त डॉक्टर हैं और न ही स्टाफ। हैरानी की बात तो है कि यह अस्पताल आज भी वर्षों पहले बने पुराने भवन में चल रहा है, जो कि मौजूदा समय में पूरी तरह से खंडहर में तबदील हो चुका है। वहीं, कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवासीय परिसर भी गिरने की कगार पर हैं। लोक निर्माण विभाग देहरा की मानें तो इस अस्पताल के नए बनने वाले भवन का टेंडर भी हो चुका है, लेकिन सिवाय उद्घाटन के यहां पर एक पत्थर तक आज दिन तक नहीं लगा है।
इस पूरे मामले पर समाजसेवी एवम देहरा भाजपा युवा नेता सुकृत सागर का कहना है कि प्रदेश सरकार ने तो अभी हाल ही में चार डॉक्टर हरिपुर हॉस्पिटल के लिए नियुक्त किए थे लेकिन उनमे से एक भी डॉक्टर का यहां ज्वाइन न करना दुखद है. और बाद में जब एक पुराने डॉक्टर के वापिस यहां ज्वाइन किया तो यहाँ पहले से कार्यरत एक महिला डॉक्टर उसी दिन छुट्टी पर चली गई जिनको बाद में कहीं और डेपुटेशन पर भेज दिया गया. उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री महोदय से मांग करेंगे कि इस बात की जांच हो कि उन चार डॉक्टरों ने यहां ज्वाइन क्यों नही किया. और क्यों महिला डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति कहीं ओर लगा दी गई
इस बारे में जब सीएमओ कांगड़ा गुरदर्शन गुप्ता से बात की तो उन्होंने बताया कि इस अस्पताल में स्टाफ और डॉक्टरों की कमी के बारे में उच्च अधिकारियों और सरकार को अवगत करवाया गया है। इस समय अस्पताल में सिर्फ एक ही डॉक्टर है।
पूर्व प्रधान प्रवीन कुमार हरिपुर और उपप्रधान भटेड बासा सुमन कुमार ने कहा कि हरिपुर अस्पताल में स्टाफ की कमी को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि यहां के लोगों को सुविधा मिल सके

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