Mon, September 28
सोलन
September 30,2019

उपचुनाव की चुनौती,,,

पच्छाद में भाजपा की रीना कश्यप भिड़ेंगी कांग्रेस के गंगूराम मुसाफिर से

धर्मशाला में कांग्रेस के विजय इंद्र कर्ण का मुकाबला भाजपा के विशाल नेहरिया से

पच्छाद से सुरेश कश्यप और धर्मशाला से किशन कपूर के सांसद बनसे हो रहे हैं उपचुनाव

21 अक्टूबर को होगा मतदान और 24 अक्टूबर को चुनाव परिणाम

सोलन: हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा जिला की धर्मशाला व सिरमौर जिले की पच्छाद सीट पर 21 अक्टूबर को होने जा रहे विधानसभा उपचुनाव के रण में दोनों ही पार्टियों ने अपने योद्धा उतार दिए हैं। यह अलग बात है कि इन चुनावों में इस बार पच्छाद हलके से भाजपा की प्रत्याशी एक वीरांगना है। यहां पार्टी ने एक नई युवा महिला चेहरे रीना कश्यप पर दाव खेला है, जो अपने से कहीं वरष्ठि और राजनीति के अनुभवी कांग्रेस नेता गंगूराम मुसाफिर का मुकाबला करेंगी। दूसरी तरफ धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में भाजपा व कांग्रेस ने नए व युवा चेहरों को ही आगे किया है, जिससे मुकाबला काफी रोचक हो गया है। धर्मशाला में कांग्रेस के विजय इंद्र कर्ण की टक्कर में भाजपा ने युवा नेता विशाल नेहरिया को टिकट थमाया है। विधानसभा के इन उपचुनावों के लिए कांग्रेस ने शनिवार को ही अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए थे, जबकि भाजपा ने आज यानि रविवार को दोनों सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है।

अब बात करेंगे इन दोनों हलकों में भाजपा-कांग्रेस के उम्मीदवारों के राजनीतिक करियर और चुनावी समीकरणों की। इसमें सबसे पहले पहले हम अपने दर्शकों को धर्मशाला की ओर लिए चलते हैं, जहां दोनों ही पार्टियों में टिकट के लिए खासा घमासान चला हुआ था। यहां पर अधिक मुश्किल में कांग्रेस थी, जिसके प्रबल दावेदार एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा एन वक्त पर चुनाव लड़ने से मुकर गए, जबकि ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी ने उनके समर्थन में सिंगल लाइन प्रस्ताव पारित करके पार्टी को भेजा था। ऐसे में कांग्रेस ने धर्मशाला सीट पर युवा नेता विजय इंद्र कर्ण को आगे किया। विजय इंद्र मौजूदा समय कांगड़ा संसदीय क्षेत्र युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं, जिन्हें पूर्व मंत्री जीएस बाली का समर्थक माना जाता है और वह पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी के भी रिश्तेदार हैं। इसके अलावा सुधीर शर्मा उन्हें टिकट देने के पक्षधर नहीं थे, जबकि युवा कांग्रेस की जोरदार मांग कर रही थी। इसके साथ ही कांग्रेस ने यहां युवा व गददी समुदाय का कार्ड खेलने का भी प्रयास किया है।

दूसरी तरफ भाजपा ने धर्मशाला से विशाल नेहरिया को टिकट थमाया है, जहां से लगभग आधा दर्जन और नेता टिकट के तलबगार थे। यही नहीं भाजपाइयों को कांग्रेस नेता सुधीर के चुनाव से मुकरने पर यह डर भी सता रहा था कि कहीं वे भाजपा की ओर से तो चुनाव में नहीं उतर रहे, लेकिन अब इस शंका पर भी विराम लग गया है। नेहरिया छात्र व युवा मोर्चा की राजनीति से यहां तक पहुंचे हैं, जो आजकल भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश सचिव हैं।

अब बात करते हैं सिरमौर जिला की पच्छाद सीट की, जिसे कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाता था और गंगूराम मुसाफिर यहां से सात बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। इन्हीं मुसाफिर को जो कांग्रेस सरकार में मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष तक रहे को वर्ष 2012 और फिर 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सुरेश कश्यप ने पटकनी देकर पीछे धकेला था। सुरेश कश्यप्प के शिमला संसदीय सीट से सांसद बनने पर यह सीट खाली हुई और अब भाजपा ने यहां से रीना कश्यप को टिकट दिया है। रीना कश्यप्प सिरमौर जिला परिषद की सदस्य का चुनाव जीत चुकी हैं और वर्तमान में भारतीय जनता महिला मोर्चा में प्रदेश आईटी सैल की सह संयोजक है।

लिहाजा अब पच्छाद व धर्मशाला में, दोनों जगह उपचुनावों की बिसात बिछ चुकी है, जिस पर भाजपा व कांग्रेस ने अपने मोहरे उतार दिए हैं। इन सीटों पर 21 अक्टूबर को मतदान होना है और 24 अक्टूबर को मतगणना के बाद नतीजे भी घोषित हो जाएंगे। इस दौरान प्रत्याशियों व उनके समर्थन में बड़े नेताओं के पास चुनाव प्रचार के लिए महज 20 दिनों का समय है। इसी बीच सोमवार को नामाकंन पत्र दाखिल करने का अंतिम दिन है, जिसके लिए दोनों पार्टियों की तैयारियां लगभग पूरी हैं और इसके बाद सत्तारुढ़ भाजपा व विपक्षी दल कांग्रेस के नेता चुनावी रैलियों सहित मैन-टू-मैन व डोर-टू-डोर चुनाव प्रचार में जुट जाएंगे। इन उपचुनावों में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मुख्य स्टार प्रचारक होंगे, जबकि दोनों जगह के लिए मंत्रियों की भी डयूटी लगाई गई है। इसी तरह कांग्रेस ने भी दोनों हलकों के लिए पूर्व मंत्रियों सहित पूर्व व मौजूदा विधायकों को जिम्मेदारियां सौंपी है और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अन्य वरिष्ठ नेता मुख्य प्रचारक होंगे।
 

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