Fri, July 03
सोलन
March 13,2020

कोरोना वायरस को अब WHO  द्वारा पान्डेमिक घोषित किया जा चूका है। पान्डेमिक यानि ऐसा एपिडेमिक, एक ऐसी महामारी जो पूरी दुनिया में फैली हो और बहुत से लोगों को ग्रसित कर रही हो। चीन के वुहान से शुरू हुए इस वायरस, अभी तक दुनिया भर के हज़ारों लोगों की जान ले चूका है। सावधानी में ही बचाव है, इसलिए इस वीडियो के अंत में हम आपको इस वायरस से बचने के सभी तरीके दिखाएंगे। सतर्कता से ही इस वायरस को रोका जा सकता है। तो इस वीडियो के अंत में उस संगमेंट को देखना न भूलें, साथ ही इसके साथ हम आपको बताएंगे कोरोना से पहले हुई महामारियों के बारे में जिसके कारण बहुत लोगों ने अपनी जान गवा दी।

शुरुआत करते हैं 1910-1911 मैंने फैले cholera से जिसमे 8 लाख से ज़्यादा लोगों ने अपनी जान गवां दी थी। भारत से इस महामारी की शुरुआत हुई थी और दुनिया भर में ये फैला लेकिन भारत में उस समय पर कोई सही उपचार न होने के कारण भारतीय लोगों की सबसे ज़्यादा जानें इसमें गयी। यूरोप और बाकी जगहों पर पहले ही यह महामारी हो चुकी थी इसलिए वो सतर्क थे और इस महामारी से लड़ने में सक्षम रहे। भारत इसके लिए बिलकुल भी तैयार नहीं था।
इसके बाद आते हैं 1918 में फैली फ्लू पर जो इतना घातक था की उसने उस समय की एक तिहाई आबादी को ग्रस्त किया। जी हाँ! दुनिया में घूमने वाला हर तीसरा व्यक्ति इस महामारी से ग्रसित  था और इस वायरस ने 2 से 5 करोड़ लोगों की जान ली। इसके लिए दुनिता कितनी न त्यार थी इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है की पहले 2 करोड़ 50 लाख लोगों ने पहले 25 हफ़्तों में अपनी जान गवा दी थी। इस से पहले हुए फ्लू में केवल बच्चे और वृद्ध ग्रसित हुए थे लेकिन इस बार युवा भी इसकी चपेट में आ गए थे और जो केहर बरसा वो हम आपको बता ही चुके हैं।
उसके बाद 1956 का एशियाइ फ्लू जो चीन से ही शुरू हुआ था। 20 लाख से ज़्यादा लोगों ने इसमें अपनी जाने गवा दी थी। दो साल तक चलते इस फ्लू इन्फ्लुएंजा a  के H2N2   SUBTYPE द्वारा फैला था। लेकिन इस बार हालाँकि तयारी बेहतर थी लेकिन ये इतनी जल्दी और इतना फ़ैल गया की जब तक इसे रोका जाता तब तक २० लाख लोग इसमें अपनी जान गवां चुके थे।
इसके बाद 1968 का फ्लू जिसे होन्ग कोंग फ्लू भी कहा जाता है। h3n2 टाइप का यह फ्लू पहले वाले फ्लू का ही आगे का हिस्सा समझिये।  17 दिन में यह वियतमान और सिंगापुर पहुँच चूका था और ३ महीनो में भारत, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका में इसके केसेस दिखने लगे। इस बार हम सावधान थे। मरने वालों की संख्या काम रही लेकिन हांगकांग  को तब तक अपनी आबादी का 15 प्रतिशत खोना पड़ा। इस वायरस से १० लाख लोगों तक के मरने का अनुमान है और इस से अकेले होन्ग कोंग में 5 लाख लोगों को अपनी जान गावनि पड़ी।
अब आते हैं इस रिपोर्ट के आखिरी महामारी पर जिसने अभी तक 3 करोड़ 60 लाख लोगों की जान ली है HIV AIDS जो 1976 में कांगो से शुरू हुआ और अभी तक दुनिया भर में महामारी की श्रेणी में आता है। फ़िलहाल के लिए साढ़े ३ करोड़ लोग इस से ग्रसित हैं।

लेकिन समय के साथ स्वस्थ विभाग में हमने अच्छा काम किया है और इस वजह से अब जल्द ही ऐसी कोई भी बड़ी महामारी जल्दी नहीं फैलती लेकिन सतर्कता आवश्यक है इसलिए हम इस वीडियो में आपके साथ वो वीडियो भी शेयर कर रहे हैं जिससे आप आज घोषित हुई महामारी कोरोना को अच्छे से समझ पाएंगे। क्या करना और क्या नहीं सब इस वीडियो में आपको मिल जाएगा। ज़रूर देखिएगा।

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